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बड़ागांव में अनमोल रत्न साबित हुए भारत रत्न सचिन तेंदुलकर।

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बाराबंकी. क्रिकेट के भगवान कहे जान वाले भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर आज बाराबंकी पहुंचे जहां उन्होंने बुनकरों के घरों में उजियारा करने का प्रयास किया। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बड़े-बड़े कीर्तिमान स्थापित करने वाले सचिन 1994 के बाद लखनऊ आए थे जिससे उनकी कई यादे ताजा हो गई। दरअसल लखनऊ के रास्ते सचिन तेंदुलकर बाराबंकी पहुंचे जहां के बड़ागांव में उन्होंने एक निजी कार्यक्रम में शिरकत की। बाराबंकी पहुंचे सचिन तेंदुलकर का जोरदार स्वागत किया गया। यहां उन्होंने कहा कि वो 1994 के बाद लखनऊ आए हैं जहां उनकी पुरानी यादें ताज़ा हो गईं। सचिन तेंदुलकर ने कहा कि सन् 2020 तक 20 हज़ार घरों तक सोलर लाइट पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है और यह पूरे देश की ज़िम्मेदारी है कि सम्पूर्ण देश में बिजली पहुंचाई जाए। क्रिकेट के महानायक भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने मसौली क्षेत्र के बड़ागांव में बुनकरों से मुलाकात की। यहां पहुंचे सचिन का काफी गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। सचिन सबसे पहले करीब दो बजे राजधानी लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचें थे जहां से वे सड़क मार्ग से बाराबंकी के लिए रवाना हुए। सचिन तेंदुलकर ने यहां इस गाँव में अपनी संस्था स्प्रेडिंग हैप्पीनेस और स्काईडर इण्डिया कम्पनी के माध्यम से गरीब बुनकरों के लिए सोलर पैनल और एलईडी लाइट लगवाने का काम किया । यहाँ के लोग सचिन के इस काम को लेकर खासे उत्साहित दिखे। इस गांव में लगभग 1300 परिवार निवास करते हैं, जिसमे अधिकतर आबादी बिनकरों की है जो काफी गरीब है। सचिन के इस काम से बुनकरों को काम करने के लिए ज्यादा समय और ज्यादा सहूलियत मिल सकेगी । इससे उन्हें ज्यादा फायदा भी होगा । अभी तक जो चिराग की मद्धिम रौशनी में अपना काम करते थे उन्हें अब एलईडी लाइट की दूधिया रौशनी में अपना काम करने को मिलेगा। जिससे उन्हें काम करने के लिए ज्यादा समय तो मिलेगा ही साथ ही उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा भी मिल सकेगा। सचिन तेंदुलकर के दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे। सुरक्षा में चार सीओ और 125 सिपाहियों की तैनाती की गई

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