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ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही डेढ़ सौ से अधिक लोग बहे

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देहरादून। उत्‍तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत चमोली रवाना हो गए हैं। इस बीच सरकार और एसडीआरएफ ने आपदा में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए हैं। एसडीआरएफ के आधिकारिक सूत्रों ने अब तक 150 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम रवाना कर दी गई है। उत्‍तराखंड चमोली जिले के रैनी गांव में आज ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद अचानक धौली गंगा, अलकनंदा और भागीरथी का जल स्तर तेजी से बढ़ गया है। धौली गंगा के जलस्तर बढ़ने के जल विद्युत परियोजना का पावर प्रोजेक्ट भी बह गया है। उत्‍तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत अधिकारियों से इस दुर्घटना की फोन पर जानकारी लेने के बाद हेलीकॉप्टर से चमोली के लिए रवाना हो गए हैं। साथ में आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन और डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग हैं। एसडीआरएफ की 5 टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। शेष सभी टीमें को अलर्ट किया गया है। ये भी पढ़ें : उत्‍तराखंड में ग्‍लेशियर टूटने से भारी तबाही, बड़ी संख्‍या में लोगों के बहने की आशंका मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लोगों से अपील की है कि अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070, 1905 या 9557444486 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं। मेरी सभी से विनती है कि कृपया कोई भी पुराने वीडियो शेयर कर अफरातफरी ना फैलाएं। स्थिति से निपटने के सभी ज़रूरी कदम उठा लिए गए हैं । आप सभी धैर्य बनाए रखें। उधर, एसडीआरएफ ने भी किसी भी प्रकार की सहायता के हेल्पलाइन नम्बर +911352410197, +9118001804375 और +919456596190 जारी किए हैं। एसडीआरएफ की टीम क्षेत्रपाल के निकट दलदल में फंसे दो लोगों को रेस्क्यू कर रही है। एसडीआरएफ ने आधिकारिक सूत्रों ने 150 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। ये भी पढ़ें : चमोली में ग्लेशियर टूटने से बड़ी त्रासदी, उत्‍तर प्रदेश में कानपुर से लेकर वाराणसी तक अलर्ट इस बीच गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम उत्‍तराखंड रवाना की गई है। इसमें 45 जवान हैं। जोशीमठ के करीब बांध के क्षतिग्रस्त होने के कारण अलकनन्दा में पानी के तीव्र बहाव है। एसडीआरएफ के सेनानायक के अनुसार सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म से लोगों से नदी किनारे से हटने की सूचना लगातार प्रेषित की जा रही है। रेस्कयू के लिए हेलीकॉप्टर की सहायता भी ली जा रही है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद के अनुसार आईटीबीपी की दो टीमें मौके पर पहुंच गई है। देहरादून से एनडीआरएफ की तीन टीमें रवाना हो गई हैं। तीन अन्य टीमें भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर के साथ शाम तक पहुंच जाएंगी। एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों के साथ निरंतर सम्पर्क में हैं।

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