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२ महीने बाद पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।

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2 महीने की लुका छिपी के बाद पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ - 17 जून को जहांगीराबाद क्षेत्र के गंजरिया फार्म के पीछे पहली बार दिखा था - शनिवार रात रखे गए पिंजरे में हुआ कैद - देखने वालो की दिनभर लगी रही भीड़ फोटो-1 से 10 व 39 से 42 बाराबंकी। सत्तावन दिनों तक शहर के आस पास लोगों की रात की नींद उड़ा रखे तेंदुआ आखिरकार शिकार के चक्कर में शनिवार रात शुगर मिल जंगल में रखे पिंजरे में कैद हो गया। रविवार की सुबह पिंजरे में कैद तेंदुए की दहाड़ सुनकर वहां पहुंचे एक चौकीदार ने भागकर इसकी सूचना आस पास के लोगों को दी। तेंदुआ कैद होने की खबर फैलते ही देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। बंद शुगर मिल के सुपरवाइजर ने सूचना वन विभाग को दी। जिस पर पहुंची टीम ने तेंदुए को लखनऊ के चिडि़याघर भेज दिया गया। मालूम हो कि बीते 17 जून की रात जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के नेबलेट फार्म की जमीन का समतलीकरण कर रहे ट्रैक्टर चालक ने सबसे पहले तेंदुआ देखा और इसकी सूचना स्थानीय पुलिस व वन विभाग की टीम को दी। दूसरे दिन वन विभाग की टीम ने पग‌चिन्ह के निशान की जांच कर जंगली जानवर होने का दावा किया। उसके बाद 14 जुलाई को शहर क्षेत्र के शुगर मिल जंगल में सुपरवाइजर रामनरेश यादव ने तेंदुआ देखने की जानकारी फिर वन विभाग को दी थी। उसके बाद 16 जुलाई को तुलाराम ने जेल कॉलोनी की ओर जाते देखे जाने का दावा किया था। मौके पर पहुंची टीम को जो पगचिन्ह मिले उसे तेंदुआ के न होने बल्कि किसी जंगली जानवार के होने का दावा करती रही। ग्रामीणों का दबाव व दहशत के चलते वन विभाग के अधिकारी पिंजरा रखकर बराबर कांबिंग की, पर तेंदुआ का कहीं पता नहीं चला। इस बीच तेंदुआ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने जंगल में पिंजरा रखकर बकरी बांधी थी। एक बार तो उसे चोर खोल ले गए थे। धीरे धीरे मामला ठंडा पड़ गया था, पर शुक्रवार को रामनरेश ने फिर तेंदुआ देखने का दावा किया, जिस पर वन ‌विभाग की टीम ने जहां तेंदुआ देखे जाने की बात कही थी वहां पर पिंजरा रखकर बकरा बांध दिया। रविवार भोर करीब दो बजे पिंजरा का गेट गिरने की आवाज सुनाई पड़ी, पर रात होने के कारण वहां कोई नहीं गया। सुबह तीन लोगों के साथ जाकर रामनरेश ने पिंजरा देखा तो उसमें तेंदुआ था। तेंदुए की दहाड़ सुनकर तीनों लोग वहां से ‌खिसक लिए और इसकी सूचना आस पास लोगों के साथ जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी को दी गई। इसके बाद डीएफओ जावेद अख्तर व लखनऊ के एक्सपर्ट डॉ. विजेंद्र यादव, कीपर मतीन व महेश वर्मा ने नर तेंदुआ बताया। रेस्क्यू टीम उसे पिंजरे में डालकर चिडियाघर लखनऊ ले गई। करीब आठ घंटे चले इस लाइव शो को देखने के लिए शहर से लेकर कोसों दूर के लोग यहां जमा हुए थे। बाक्स- पिंजरा टूटते ही कांप गई रेस्क्यू टीम लखनऊ से आई रेस्क्यू टीम व वन विभाग के सुरक्षाकर्मी तेंदुए को चिडि़याघर के दूसरे पिंजरे में शिफ्ट कर रहे थे। जैसे ही तेंदुआ नए पिंजरे में गया वह दहाड़ते हुए इधर उधर भागने की कोशिश करने लगा। तेंदुआ बाहर खड़े लोगों को देखकर जैसे ही झपटा पिंजरे की दो सरिया टेढ़ी हो गई। मौके पर खड़े रेस्क्यू टीम के कर्मचारी कांप गए और उसे दोबारा उसी पिंजरे में डाल दिया। बाद में तीसरा पिंजरा लाया गया जिसमें बंद कर ले जाया गया। बाक्स- मोबाइल में कैद करने की लगी रही होड़ सुबह छह बजे तेंदुआ पकड़े जाने की सूचना आम होते ही जो लोग पिंजरे के पास नहीं पहुंच पाए वह छत पर बाउंड्री पर चढ़ कर एक झलक देखने को बेताब रहे। छत पर चढ़ी भीड़ से कोई हादसा न हो जाए इसलिए पुलिस कर्मी लोगों को भगाते रहे। मिल के गेट पर सैंकड़ों लोगों की जमा भीड़ उसके जाते समय ही देखने के लिए डटी रही। बाक्स- अफवाह फैलाने की बात कह दी थी जेल भेजने की धमकी प्रत्यक्षदर्शी तुलाराम राणा, संतोष शुक्ला व शुगरमिल के सुरक्षा इंजार्च रामनरेश यादव का कहना है कि जब तेेंदुआ देखने की सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी गई टीम ने पगचिन्ह के निशान लेकर चली गई। लगातार तीन बार सूचना दिए जाने के बाद वन विभाग के एक एसडीओ ने तीनों को अफवाह फैलाने में जेल भेजे की धमकी दी था। बाक्स- इलाज के बाद क‌तर्नियाघाट में छोड़ा जाएगा तेंदुआ शुगर मिल में पकड़े गया पैंथर प्रजाति का तेंदुआ का इलाज चिडि़याघर में डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, डॉ. अशोक कश्यप व डॉ. विजेंद्र यादव की टीम करेगी। डॉ. विजेंद्र यादव ने बताया कि नर तेंदुआ की उम्र लगभग 8-9 साल व लंबाई सवा पांच फीट है। इंसानी खून न लगने के कारण अभी वह आदमखोर नहीं हुआ है। इतने दिन क्षेत्र में रहने के बावजूद किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुुंचाना इस बात का प्रमाण है। स्वस्थ्य होने के बाद इसे ‌क‌तर्निया घाट में छोड़ दिया जाएगा। चिडि़याघर में केवल पालतू व आदमखोर जानवरों को पकड़े जाने पर रखा जाता है। बाक्स- दो शावकों की चर्चा बनी विभाग की मुसीबत तेंदुआ के साथ दो शावक देखे जाने की चर्चा होती थी। विभाग किसी पर विश्वास नहीं करता था, पर जब रविवार को तेंदुआ पकड़ा गया तो शावकों की चर्चा गंभीरता से लेना मजबूरी बन गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शावकों के देखे जाने के बाद उसके धर पकड़ की तैयारी की जाएगी। वर्जन- जो तेंदुआ पकड़ा गया है उसे लखनऊ चि‌डि़याघर भेज दिया गया है। शावकों के मिलने की सूचना पहले मिली थी, अगर दोबारा शावकों के देखे जाने की सूचना मिलेगी तो उन्हें भी पकड़ा जाएगा

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