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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नाम मतदाता सूची से कटा।

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नई दिल्ली। लखनऊ से लम्बे समय तक सांसद और देश के प्रधानमंत्री रहे अपनी चिर परिचित शैली और काव्य संकलन के मर्मज्ञ पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई अब नगर निगम लखनऊ के मतदाता नहीं रहे। कभी अपनी सभाओं से मतदान को लेकर अटल जी कहा करते थे, कि पहले मतदान फिर जलपान लेकिन आज वो खुद मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। नगर निगम की माने तो अटल बिहारी वाजपेई अपने दिए गए पते वाले मकान पर वर्षों से नहीं रह रहे हैं। इसके साथ ही अब मतदाता पुनरीक्षण का काम चल रहा है। इसके चलते कई वर्षों से गैरमौजूदगी के कारण उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। मतदाता सूची में अटल बिहारी वाजपेई बाबू बनारसी दास वार्ड में बासमंडी स्थित मकान नंबर 92/98-1 मोहन होटल के बगल की तीन मंजिला इमारत जिसका नाम राजेन्द्र भवन है पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई का निवास स्थान है। वर्तमान में इस स्थल पर किसान संघ का कार्यालय मौजूद है। इसी भवन के पते पर अब तक उनका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज था। आखिरी बार उन्होने नगर निगम के चुनाव में साल 2000 में वोट डाला था। साल 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होने कोई वोट नहीं डाला है। नगर निगम के जोनल अधिकारी के मुताबिक पूर्व पीएम पिछले कई सालों से राजधानी में निवास नहीं कर रहे हैं। इस वजह से उनका नाम लिस्ट से हटा दिया गया है। साल 1999 से 2004 तक आखिरी बार पूर्व पीएम वाजपेई लखनऊ से सांसद रहे। साल 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होने आखिरी बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इसके साथ ही साल 2006 में आखिरी बार उन्होने वर्तमान डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के मेयर चुनाव में आखिरी चुनावी सभा कपूरथला क्षेत्र में की थी। इसके पहले वे हर चुनाव में अपना मताधिकार का प्रयोग करते रहे हैं। लेकिन साल 2004 के बाद से उन्होने वोट नहीं डाला है। वाजपेई का स्वास्थ्य अभी अच्छा नहीं है, वे दिल्ली स्थित निवास स्थान पर रहते हैं। वह अब ज्यादा लोगों से मुलाकात नहीं करते हैं। वर्तमान में उनका आवास लुटियंस लोन स्थित 6-ए कृष्ण मेनन मार्ग है।

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