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पीएम मोदी से सूफी मौलवियों ने की मांग, देश में गौ हत्या पर लगे रोक

National

राजस्थान के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह में आयोजित 805वें उर्स के समापन के अवसर पर जुटे सूफी संतो ने एक सुर में देश के पीएम नरेन्द्र मोदी से यह अपील करते हुए कहा कि पूरे देश में गोहत्या पर रोक लगनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में अवैध बूचडखानो पर योगी सरकार द्वारा रोक लगाये जाने के बाद यह बयान आया। उत्तर प्रदेश के साथ ही राजस्थान, गुजरात और झारखंड जैसे अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी अवैध बूचड़खानों पर शिकंजा कसा जा रहा है। देश के सूफी संत भी इस बात से सहमत है। उन्होंने बयान में कहा बूचडखानो के बंद होने से हालाकि कई लोग बेरोजगार तो होंगे लेकिन इन पर रोक लगाये जाने से दोनों समुदायों के बीच हमेशा के लिए सौहार्द्र बरकरार रहेगा। गाय को राष्ट्रीय पशु की घोषित कर देना चाहिए क्योकि यह देश की भावनाओ से जुदा मुद्दा है। 

सूफी मौलवियों ने सयुक्त बयान जारी कर कहा कि पीएम मोदी को देश के करोडो मुस्लिम समाज के लोगो को राहत देने के लिए बीफ को बैन करने का अध्यादेश पारित करना चाहिए। दिल्ली की हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के अलावा कर्नाटक के गुलबर्गा शरीफ, आध्र प्रदेश के हलकट्टा शरीफ और नगौर, बरेली, कलियार, भागलपुर, जयपुर और फुलवारी जैसी दरगाहों के मौलवियों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। अजमेर दरगाह के दीवान ने कहा कि हिन्दू समाज गाय को माँ मानता है इसलिए उनकी भावनाओ का सम्मान करना इस्लाम के मूल सिद्धांतों में है। 

हम हिन्दू भाइयो से अपील करते है कि जब तक बीफ बैन की मांग को नहीं मान लिया जाता तब तक वह हमारे साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि गौवध और इनके मांस की बिक्री पर रोक लगने से इस मुल्की मजहबी रवादारी मोहब्बत और सदभावना फिर से उसी तरह कायम हो सकेगी जैसी सैंकड़ों सालों से रही है. चिश्ती के वंशज एवं सज्जादानशीन दरगाह दीवान ने गुजरात सरकार द्वारा गुजरात विधानसभा में पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 पारित करने के फैसले की सराहना की।

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