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खेती के गुरु रामशरण को मिला पद्मश्री

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बाराबंकी। जिले के किसान राम शरण वर्मा को राष्ट्रपति के हाथों दिल्ली में सोमवार को पद्म श्री मिला है। उनके सम्मान से गांव के लोगों के साथ खेत खलिहान और उन्हें अपनी प्रेरणा मानने वाले किसानों में खुशी का माहौल है। जनपद मुख्यालय के समीप ब्लाक हरख के गांव दौलतपुर में किसान राम शरण 70 एकड़ भूमि पर खेती कर रहे है और उनका सालाना टर्न ओवर करोड़ो का है। 1990 में एक हेक्टेयर खेत से शुरू हुई किसानी के 2019 तक के लंबे सफर में वह परम्परागत खेती से हटकर नित नई तकनीकों को अपनाते गए। खेत रोज उनके हिस्से का आकाश उन्हें देते रहे उनका नाम और खेती के तरीके शोहरत पाने लगे। टमाटर और केले की आधुनिक खेती के रामशरण गुरु बन गए। जो खेत किसान का पेट भरने के लिए नाकाफी रहते थे वही फसलें अब बेटियों की शादी कराने लगी,नए मकान बन गए गाड़ियां आ गईं। देश विदेश के प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचे और देश के विभिन्न प्रांतों से किसान भी। रामशरण पद्धति की खेती का नया नाम निकला। दौलतपुर पर प्रदेश सरकार की नजर पड़ी। दर्जनों अवार्ड पा चुके रामशरण को 2007 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। हाईटेक खेती करने वाले प्रगतिशील किसान बन चुके रामशरण का चयन कृषि क्षेत्र में पद्म श्री के लिए किया गया था। यही गौरव आज उन्हें दिल्ली में राष्ट्रपति के हाथों मिला। गांव दौलतपुर में खुशी का माहौल है दिल्ली से उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया है।

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